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लखनऊ में ‘डिजिटल अरेस्ट’ का जाल, बुजुर्ग दंपति से 1.30 करोड़ की ठगी

Photo Source : Google

Posted On:Thursday, March 26, 2026

लखनऊ न्यूज डेस्क: लखनऊ में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां तमाम जागरूकता अभियानों के बावजूद दो पढ़े-लिखे बुजुर्ग दंपति ‘डिजिटल अरेस्ट’ के झांसे में आकर करीब 1.30 करोड़ रुपये गंवा बैठे। पुलिस, सीबीआई या एनआईए जैसी कोई भी एजेंसी डिजिटल अरेस्ट नहीं करती, इसके बावजूद जालसाजों ने खुद को अधिकारी बताकर भय का माहौल बनाया और लंबे समय तक पीड़ितों को मानसिक दबाव में रखा।

पहले मामले में बिजली विभाग के रिटायर जेई वीरेंद्र सिंह और उनकी पत्नी को करीब ढाई महीने तक डिजिटल अरेस्ट में रखकर 1.18 करोड़ रुपये ठग लिए गए। जालसाजों ने खुद को दूरसंचार प्राधिकरण और सीबीआई अधिकारी बताकर मनी लॉन्ड्रिंग के 17 मामलों में फंसाने की धमकी दी। वीडियो कॉल के जरिए नकली “कोर्ट” का माहौल तैयार किया गया, जिससे दंपति डर गए और धीरे-धीरे अपनी पूरी जमा पूंजी आरोपियों के खातों में ट्रांसफर कर दी।

दूसरे मामले में आईआईटी दिल्ली के सहायक प्रोफेसर डॉ. सौरभ तिवारी के माता-पिता को तीन दिन तक डिजिटल अरेस्ट में रखकर 12.90 लाख रुपये की ठगी की गई। दोनों मामलों में साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

पीड़ितों ने बताया कि जालसाजों ने गिरफ्तारी वारंट तक व्हाट्सऐप पर भेजा और लगातार निगरानी में होने का डर दिखाया। भय और बदनामी के डर से उन्होंने न सिर्फ अपनी जमा पूंजी गंवाई, बल्कि उधार लेकर और गहने गिरवी रखकर भी रकम जुटाई। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऐसे किसी भी कॉल या वीडियो कॉल पर भरोसा न करें और तुरंत संबंधित एजेंसी या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें।


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